जानती हूं तुम्हारी ज़िन्दगी में,
मेरी कोई जगह नहीं।
फिर भी कुछ तलाश करती हूं।
तुम्हारा वक़्त ना दे पाना,
तुम्हारा चिढ़ जाना,
तुम्हारे गुस्से के बाद भी...
मैं तुमसे प्यार करती हूं।
जानती हूं बस एक राज रहूंगी,
कभी ना तुम्हारे साथ रहूंगी।
जानती हूं तुम्हारे हर एक वार को,
फिर भी ना जाने क्यों...
तुम पर ऐतबार करती हूं।
अब भी मैं तुमसे प्यार करती हूं।
वाक़िफ हूं हर सच्चाई से,
चोट भी खाई है गहराई से।
फिर भी तुम्हारा इंतजार करती हूं,
अब भी मैं तुमसे प्यार करती हूं।
मेरी कोई जगह नहीं।
फिर भी कुछ तलाश करती हूं।
तुम्हारा वक़्त ना दे पाना,
तुम्हारा चिढ़ जाना,
तुम्हारे गुस्से के बाद भी...
मैं तुमसे प्यार करती हूं।
जानती हूं बस एक राज रहूंगी,
कभी ना तुम्हारे साथ रहूंगी।
जानती हूं तुम्हारे हर एक वार को,
फिर भी ना जाने क्यों...
तुम पर ऐतबार करती हूं।
अब भी मैं तुमसे प्यार करती हूं।
वाक़िफ हूं हर सच्चाई से,
चोट भी खाई है गहराई से।
फिर भी तुम्हारा इंतजार करती हूं,
अब भी मैं तुमसे प्यार करती हूं।


Waah Kya baat kahi hai😍😍
ReplyDeleteThank you 🤗
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