Tuesday, October 2, 2018

यारियां...!!!

एक आग का दरिया,
एक बहता पानी,
और एक पूर्वा सुहानी।

एक कोयल-सी मीठी,
एक जल-सी शीतल,
और एक वेग-सी चंचल।

एक की आंखों में नदियां,
एक की नाक पे गुस्सा,
और एक की मुस्कान बेजुबानी।

एक ऊंची जैसे पर्वत,
एक दृढ़ जैसे पत्थर,
और एक बेपरवाह सितारा।

अलग है सबकी जिंदगानियां,
अलग है सबकी कहानियां,
फिर भी बेमिसाल है इनकी यारियां।।

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