मैं वो पंछी हूँ जिसने हवाओं से बैर कर उड़ना सीखा है,
पैरों में जंजीरें पड़ी हैं फिर भी आसमा को छूना है.
कोरे कागज पर दुनिया को समेटी हूँ दर्दों को शब्दों में पिरोती हूँ,
हाँ ! मैं लिखती हूँ .
Tuesday, March 26, 2019
तुम्हें ही बदनाम कर देंगी...
तुम जो खुद सारी बातें कहते हो,
फिर इल्ज़ाम दूसरों पर लगाते हो।
खुद बेवफाई कर...
दूसरों को गद्दार बताते हो!
ये जो तुम्हारी फितरत है...
ये जो तुम्हारी फितरत है,
एक दिन तुम्हें नीलाम कर देंगी।
तुम्हारे ही नज़रों में,
तुम्हें ही बदनाम कर देंगी।
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