इश्क़ की महफ़िल में,
अब कुछ यूं आग लगी है...
आशिकी की नुमाइश है और
रिश्तो पे दांव लगी है।
इश़्क की महफ़िल में,
अब कुछ यूं आग लगी है।
अब कुछ यूं आग लगी है...
आशिकी की नुमाइश है और
रिश्तो पे दांव लगी है।
इश़्क की महफ़िल में,
अब कुछ यूं आग लगी है।
ये तेरी वाली,वो मेरी वाली,
हर ओर ये बात चली है।
सूरत की चाह में,
सीरत पे मार पड़ी है।
इश़्क की महफ़िल में,
अब कुछ यूं आग लगी है।
हर ओर ये बात चली है।
सूरत की चाह में,
सीरत पे मार पड़ी है।
इश़्क की महफ़िल में,
अब कुछ यूं आग लगी है।
एक का साथ होकर भी,
दूसरे पे निगाहें गड़ी हैं।
तेरा एक है!मेरे चाहने वाले चार,
बस दिखावे की शोर मची है।
इश़्क की महफ़िल में,
अब कुछ यूं आग लगी है।
दूसरे पे निगाहें गड़ी हैं।
तेरा एक है!मेरे चाहने वाले चार,
बस दिखावे की शोर मची है।
इश़्क की महफ़िल में,
अब कुछ यूं आग लगी है।
सच्चाई हो जिसमें,
ऐसी कोई दिलकशी ना देखी।
मुकम्मल हो जाएं जो,
ऐसी किसी की तकदीर ना देखी।
इश़्क की महफ़िल में,
अब कुछ यूं आग लगी है...
दिल सहमा-सा है और
लबों पे मुस्कान टिकी है।
जितना चाहो लुट लो,
हर ओर ये होड़ मची है।
आशिकी की नुमाइश है और
रिश्तों पे दांव लगी है।
इश़्क की महफ़िल में,
अब कुछ यूं आग लगी है।।
ऐसी कोई दिलकशी ना देखी।
मुकम्मल हो जाएं जो,
ऐसी किसी की तकदीर ना देखी।
इश़्क की महफ़िल में,
अब कुछ यूं आग लगी है...
दिल सहमा-सा है और
लबों पे मुस्कान टिकी है।
जितना चाहो लुट लो,
हर ओर ये होड़ मची है।
आशिकी की नुमाइश है और
रिश्तों पे दांव लगी है।
इश़्क की महफ़िल में,
अब कुछ यूं आग लगी है।।
बेहतरीन ...लाज़वाब
ReplyDeleteThank you so much sir
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