Wednesday, June 19, 2019

सपना ये अपना कहता है

सपना ये अपना कहता है,
कहता है...जी ले-जी ले
तू यारा।
राहों में मुश्किल हैं बड़ी,
इन मुश्किलों से तू ना घबराना।।

मंज़िल मिलेगी एक दिन,
हिम्मत तू बनाएं रखना।
जीतेगा तू जरूर,
बस लक्ष्य से ना निगाहें हटाना।।

माना राह है कठीन पर,
हौसला तू बनाएं रखना।
दृढ़ कर अपना विश्वास,
चुनौतियों से पार पाना।।

हार गया एक बार तो क्या?
ख़त्म हो गई ये ज़िन्दगी?
कोशिश फिर से कर नई,
हिम्मत तो तू कर जरा।।

एक सपने के टूटने से,
नहीं ख़त्म होता ये जहां।
चुनौतियों से लड़ने का,
अपना एक अलग ही है मजा।।

ख़्वाबों की अपने पूरा कर,
सपनों को अपने जी ले तू।
मौका मिला है जो तुझे,
साबित कर दे खुद को तू।।

फिर से नई शुरुआत कर,
दिखला दे दुनियां को यहां।
हासिल करके अपनी मंज़िल,
लिख दे तू इतिहास नया।।

Friday, June 14, 2019

बेशक अब हम साथ नहीं

बेशक अब हम साथ नहीं,
बेशक अब हम पास नहीं,
फिर भी तेरी यादों को..
दिल में छुपा रखा है।
तुझे अब भी..
अपना बना रखा है।


बेशक तू है दूर बड़ी,
बेशक तुझ संग अब ना प्रीत मेरी,
फिर भी तेरी चाहत को..
सीने से लगा रखा है।
तेरे लौट आने की उम्मीद..
अब भी संजोए रखा है।


चाहतों को तेरी मैंने..
अब भी संवारे रखा है।
तेरी हर एक मुस्कुराहट को..
अब भी खुद में समाए रखा है।