Monday, December 10, 2018

ये इश्क़ मेरा कहलाएंगा

वो आधी भारी चाय की प्याली,
और तुम्हारा "लेट हो रही" कह जाने वाली कहानी,
अब ये कहानी महज कहानी रह जाएंगी,
और ये मुलाकात अधूरी ही सही...
पर ये मुलाकात मेरी कहलाएंगी।

तुमसे मिलने पर मेरा यूं खिल उठना,
और जब भी तुम ख्यालों में भी मुझे याद करती...
तुम्हारे उन ख्यालों से मेरा बेचैन हो जाना,
बेशक ये बेचैनी अधूरी ही सही...
ये बेचैनी मेरी कहलाएंगी।

वो late night's chats...
और वो video calls and texts,
ये बातों का सिलसिला अब थम जाएंगा,
और बस यादों का पुलिंदा रह जाएगा।
बेशक ये यादें ही सही,
ये यादें मेरी कहलाएंगी।

अब  ना तुझसे मिलना होगा,
नाहिं जुड़ने का कोई जरिया होगा।
और ये इश्क़ अधूरा रह जाएगा।
बेशक अधूरा ही सही,
ये इश्क़ मेरा कहलाएंगा।

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