Friday, December 13, 2019

Friendship

All  says that...
A Friend in need is a Friend indeed.

But if we need a friend just for,
our fulfilment- n -needs. 
Then wanna we call that...
 a True Friendship?

Friendship is about caring,
Without any if- n -buts,
Without any fear- n -tear,
N without any controversy- n -jealousy.

                         


It's a relationship for me, for you n for all.
It's to understand- n -to be understood.

It's a emotion to express,
To feel- n -to be feeled.

It's just for forgiving mistakes,
N also to make it correct.

Wholly, it's all about Goodness,
As it's also a Bond of Affinity- n -Freeness.


Thursday, November 21, 2019

ज़िन्दगी तू कहां खो गई...

                  ज़िन्दगी तू कहां खो गई!
                  संग चलते चलते जैसे,       
                  राहें हो मुड़ गई।
                  ज़िन्दगी तू कहां खो गई!

                  अब ना किसी के चेहरे पर,
                  है मुस्कान बिखरती।
                  नाहिं किसी की बातों से,
                  है मिठास छलकती।
                  ज़िन्दगी ना जाने तू,
                  कहां खो गई है?
                  तेरे ही खोज में ये जहां,
                  तुझसे ही दूर हो गई है।
                  ज़िन्दगी तू कहा खो गई है?








              अब ना वो पहले वाली बात है,
              नाहिं मिलती अब मेलों की सौगात है।
              बचपन की वो हंसी - ठिठौली,
              दोस्तों संग वो हमजोली।
              ज़िन्दगी तू कहां खो गई!
             औरों को संवारते - संवारते,
             खुद को ही भूल गई।
              ज़िन्दगी तू कहां खो गई!

             भागदौड़ भरे इन पलों में,
             लोग लम्हें जीना भूल गए।
             दूरसंचार के युग में,
             अपनों से ही दूर हो गए।
             ज़िन्दगी तुझे सुलझाने में,
              हम खुद में ही उलझ गए।
              तेरी तलाश में ए ज़िन्दगी,
             तुझसे ही दूर हो गए।।


Wednesday, November 6, 2019

चलो अब लौट चलें

सुनो ...
बहुत हो गया खुद से भागना,
चलो अब लौट चलते हैं।
यूं खुद से ही क्या नज़रे चुराना,
चलो ना अब लौट चलते हैं।

क्या रखा इस फरेबी जमाने में,
जहां दो प्यार के बोल नहीं।
ऊपर से तो कुछ और है दिखाती ये दुनियां,
फितरत से इनकी है कौन वाक़िफ यहां।

सैकड़ों की भीड़ में भी,
हर कोई है तन्हाई में डूबा।
खुद से ही बेखबर यहां,
ना जाने है कहां किसे ढूंढता।

 

क्या ढूंढते आए थे यहां,
और क्या है तुमने पाया?
छल-कपट-ईष्या-द्वेष में,
खुद को ही मिटा है दिया।

क्या रखा इस गर्दिश में,
क्यों घुट - घुट कर यूं दर्द में जीना?
छोड़ो अब इस फरेब को,
क्या ही इससे पाना?

सुनो,
बहुत हो गया खुद से भागना,
चलो अब लौट चलते हैं।
सुंदर, सपनों-सा प्यारा,
खुद से ही उम्मीद सजाते हैं।
चलो ना अब लौट चलते हैं।।


Friday, October 4, 2019

गांधी बापू

तुम्हारे उसूलों को किताबों में है कैद किया गया
बापू तुम्हारी नसीहत को अब है भूला दिया गया

अहिंसा के rule को है block किया गया
तुम्हारे बंदरों को अंधा - गूंगा - बहरा करार दिया गया


वैसे तो तुम्हारी जरूरत अब ज्यादा है सबको पड़ती
जिसके जेबों में तुम्हारी मात्रा है जितनी बड़ी
उसकी उतनी ही पूछ है बढ़ती

फिर भी तुम्हारे सत्य मार्ग को unseen और
तुम्हारे सिद्धांतों को है blacklisted किया गया

जबसे तुम्हारी तस्वीर है नोटों पर छप गई
बापू तुम्हारी पूछ अब बस वहीं तक है रह गई

Thursday, October 3, 2019

Relationship


रिश्ते आज कल के ये थोड़ा खास बनाते हैं,
जरूरतें पूरी करने को...
Relationship का नाम बताते हैं।

कभी Domino's तो कभी CCD,
कभी Gucci तो कभी Mochi,
की Demand  हैं फरमाते।
Classy बनते फिरते हैं पर,
खुद की Class कहां ये जान पाते!

ना feelings की है कद्र इन्हें,
ना emotions हैं कोई बाकी।
आज साथ छोड़ा किसी एक का,
कल दूसरे के लिए हैं राजी।

अब तो बदलते रंग देख इनके,
गिरगिट भी बोले wahh ji।
किस्से इनके viral होते,
Stories होती है Trending।
Likes जो इनके कम हो जाते...
बदल देते ये अपनी settings।

रिश्ते आज कल के ये, 
थोड़े खास बनाने लगे हैं...
Time pass करने के लिए ये, 
अब Dil लगाने लगे हैं।।





Monday, July 15, 2019

मां

ये आसमां अपना है, ये मंजिलें अपनी,
पर इन्हें अपना बनाया है तुमने,
तू है तो मैं हूं, तू है तो मैं हूं,
तू है तो मैं हूं - ओ मां।

मुश्किलें जो आयी राहों में, हौसला तुमने बढ़ाया,
लड़खड़ाई जो कभी, तुमने मुझको संभाला,

हारी जो कभी मैं, हिम्मत तुमने  बढ़ाया,
जीत में मेरी मां, संयम तुमने सिखाया,

जब कभी उलझी मैं, तुमने मुझको सुलझाया,
अंधेरे में भी मां, राह तुमने दिखाया,
वक़्त बेवक्त की, वो मेरी चिंता करना,
मेरे फिक्र में मां तेरा, रात भर जगना,
       

सारी खुशियों को तुमने मां, मुझे दे दिया,
पर हर गम को मां, तुमने अकेले ही सहा,
मेरे लिए तू मां, सबसे लड़ी,
ज़िन्दगी में मेरे पर, हर रंग तू भरी,

खुद धूप में जल कर भी, मुझे ममता की छांव में ढ़का,
मेरी मुस्कान के लिए, अपनी खुशियों का त्याग तुमने किया,
अपने हिस्से की रोटी भी, मां तुमने मुझे दे दी,
मेरी इच्छाओ के खातिर, अपने सपनों से बिछड़ गई,

मंज़िल जो ये मिली है, पाया है जो मैंने अपना मुकाम,
बस तेरे साथ से ही मां, उड़ पाई ये ऊंची उड़ान,
ज़िन्दगी जो है ये, है जो ये मेरी कहानी,
सब तेरी दुआ, सब तेरी ही मेहरबानी,
तू है तो मैं हूं, तू है तो मैं हूं,
तू है तो मैं हूं - ओ मां।।
       

Wednesday, June 19, 2019

सपना ये अपना कहता है

सपना ये अपना कहता है,
कहता है...जी ले-जी ले
तू यारा।
राहों में मुश्किल हैं बड़ी,
इन मुश्किलों से तू ना घबराना।।

मंज़िल मिलेगी एक दिन,
हिम्मत तू बनाएं रखना।
जीतेगा तू जरूर,
बस लक्ष्य से ना निगाहें हटाना।।

माना राह है कठीन पर,
हौसला तू बनाएं रखना।
दृढ़ कर अपना विश्वास,
चुनौतियों से पार पाना।।

हार गया एक बार तो क्या?
ख़त्म हो गई ये ज़िन्दगी?
कोशिश फिर से कर नई,
हिम्मत तो तू कर जरा।।

एक सपने के टूटने से,
नहीं ख़त्म होता ये जहां।
चुनौतियों से लड़ने का,
अपना एक अलग ही है मजा।।

ख़्वाबों की अपने पूरा कर,
सपनों को अपने जी ले तू।
मौका मिला है जो तुझे,
साबित कर दे खुद को तू।।

फिर से नई शुरुआत कर,
दिखला दे दुनियां को यहां।
हासिल करके अपनी मंज़िल,
लिख दे तू इतिहास नया।।

Friday, June 14, 2019

बेशक अब हम साथ नहीं

बेशक अब हम साथ नहीं,
बेशक अब हम पास नहीं,
फिर भी तेरी यादों को..
दिल में छुपा रखा है।
तुझे अब भी..
अपना बना रखा है।


बेशक तू है दूर बड़ी,
बेशक तुझ संग अब ना प्रीत मेरी,
फिर भी तेरी चाहत को..
सीने से लगा रखा है।
तेरे लौट आने की उम्मीद..
अब भी संजोए रखा है।


चाहतों को तेरी मैंने..
अब भी संवारे रखा है।
तेरी हर एक मुस्कुराहट को..
अब भी खुद में समाए रखा है।

Sunday, May 19, 2019

कतरा कतरा

ये जो कतर - कतरा,
तुम मुझे...
मुझसे ही दूर कर रहे हो।

 ना जाने क्यों! मुझे ही...
तुम्हें ना चाहने को मजबुर कर रहे हो।
ये जो तुम मुझे मुझसे ही दूर कर रहे हो।

हर वक़्त खोए रहते हो,
ना जाने क्यों ! मुझसे ही रूठे रहते हो।
मौजूद तो हो जमाने के लिए,
जब बात हो मेरी...
तुम खुद में ही मगरुर हो जाते हो।

ये जो तुम मुझे खुद से दूर कर रहे हो,
क्या खबर है तुम्हें!
मुझे ही मुझसे बेनूर कर रहे हो।

वो एक लड़का है

उन्हें अदा आती है गम छुपाने की,
मुस्कुरा के हर बात टाल जाने की।

नैनों में जिसके समंदर भरा है अश्कों का,
वो अपनी खामोशियों से... सबका दिल बहलाता है।

खुद बिखरा है जो हजारों टुकड़ों में,
सबको वो साथ लेकर चलना सिखलाता है।

दिल जिसका हर पल रिसता है किसी की यादों में,
लब्जों पर मोती सजाएं वो सारे गम बिसराता है।

खुद जिसकी रातें गुजरी है तबाह हो कर,
वो हर सुबह सबको जीना सिखलाता है।

"वो एक लड़का है" जो खुद को भूला,
हर रोज सबके लिए जीता है।

Monday, April 8, 2019

हमारे लिए ही बदल गए...

             हर कसम से वो यूं मुकर गए,
             मौसम की तरह कुछ यूं बदल गए।

             जिन्हें अपना बना हम वफ़ा कर बैठें,
             उन्हें अपना समझ कुछ सलाह दे बैठें।
           

           उनसे कहा हमने - थोड़ा सुधर जाओ,
           वक़्त के साथ थोड़ा संभल जाओ।
           ज़िन्दगी है ये...
           कमबख्त बार - बार मौका नहीं देती,
           थोड़ा तो वक़्त के साथ सवर जाओ।
                   

           क्या पता था!
           वो वक़्त के साथ...
           कुछ यूं संभल जाएंगे!
           सबसे पहले हमारे लिए ही...
           बदल जायेंगे।।

Tuesday, March 26, 2019

तेरी चाहत का किस्सा

तेरी चाहत का किस्सा,
सरे आम करूंगी।
तेरी ही महफ़िल में तुझे...
बदनाम करूंगी।

ये जो शराफत का,
चोला ओढ़ा है तुने।
भरी महफ़िल में...
तुझे बेनकाब करूंगी।

तेरी चाहत का किस्सा...
सरे आम करूंगी।
         
मेरी चाहत का जो,
तुने इनाम दिया!
छोड़ गैरों के बीच,
मुझे बदनाम किया।

तेरे फरेब का तुझे,
सलाम करूंगी।
तेरी ही महफ़िल में...
तुझे बदनाम करूंगी।
तेरी चाहत का किस्सा,
सरे आम करूंगी।।

                 

तुम्हें ही बदनाम कर देंगी...

तुम जो खुद सारी बातें कहते हो,
फिर इल्ज़ाम दूसरों पर लगाते हो।

खुद बेवफाई कर...
दूसरों को गद्दार बताते हो!

         
           
             ये जो तुम्हारी फितरत है...
             ये जो तुम्हारी फितरत है,
             एक दिन तुम्हें नीलाम कर देंगी।

             तुम्हारे ही नज़रों में,
             तुम्हें ही बदनाम कर देंगी।

Sunday, March 24, 2019

मैं तुमसे प्यार करती हूं

                       जानती हूं तुम्हारी ज़िन्दगी में,
                       मेरी कोई जगह नहीं।
                      फिर भी कुछ तलाश करती हूं।
                      तुम्हारा वक़्त ना दे पाना,
                      तुम्हारा चिढ़ जाना,
                      तुम्हारे गुस्से के बाद भी...
                      मैं तुमसे प्यार करती हूं।
         

                      जानती हूं बस एक राज रहूंगी,
                      कभी ना तुम्हारे साथ रहूंगी।
                      जानती हूं तुम्हारे हर एक वार को,
                      फिर भी ना जाने क्यों...
                      तुम पर ऐतबार करती हूं।
                     अब भी मैं तुमसे प्यार करती हूं।
             

                      वाक़िफ हूं हर सच्चाई से,
                      चोट भी खाई है गहराई से।
                      फिर भी तुम्हारा इंतजार करती हूं,
                      अब भी मैं तुमसे प्यार करती हूं।

Tuesday, February 19, 2019

मां तू तो महान है

मां तू तो महान है,
तुझसे ही तो ये संसार है।

सब मतलब के रिश्ते यहां,
हर रिश्ते का मोल लगाते हैं।
पर मां तू तो निस्वार्थ प्रेम,
सब पर ही बरसाती है।

तेरी ममता भारी छांव में मां,
संसार का हर सुख मिलता है।
तेरी कोमल हृदय में मां,
भगवान  रूप दिखता है।

खुद भूखे रह कर भी,
औलाद  पेट तू भरती है।
रातों की नीद का मां,
त्याग भी तू करती है।

चोट लगती है मुझको जब मां,
आह! तेरे मुंह से निकलती है।
मेरी हर खुुुशियों में मां,
आंख भी तेरी नम हो जाती है।

है यूं तो तू मोम सी कोमल,
पर जब कोई विपदा आए मुझ पर!
कोई संकट जो मुझे सताए,
बनकर ढाल सामने मां,
तू खड़ी हो जाए।

सारी बलाओं को दूर भगाती है,
तेरी दुआएं जब साथ होती हैं।
तेरी बनाई काजल ही मां,
हर बुरी नजर से बचाती है।

सब रूठे हैं सब हैं नाराज़,
एक तू ही जो हमेशा है साथ।
कभी ना होना मुझसे खफा,
रहना हमेशा मेरे पास।

बस एक ही है मेरी अरदास
रहे मेरे सर पे हमेशा...तेरा हाथ।